सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part- 4)

सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part- 4)

गवर्नरों से शर्तें हज़रत खुजैमा बिन साबित रदियल्लाहु अन्हु से रिवायत है :- के हज़रत उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु जब किसी शख्स को कहीं का वाली (हाकिम,सरपरस्त) मुक़र्रर फरमाते तो उससे चंद शर्तें लिखवा लेते थे पहली शर्त ये के वो तुर्की घोड़े पर सवार नहीं होगा दूसरी शर्त...
सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part-3)

सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part-3)

करामाते हज़रते उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु हज़रते उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु से बहोत सी करामातें भी ज़ाहिर हुई हैं जिनमे से चंद का आपके सामने ज़िक्र किया जाता है | निदाए फ़ारूक़ी ने फ़तेह दिला दी :- हज़रत अल्लामा अबू नईम रहमतुल्लाहि अलैह ने दलाइल में हज़रत उमर बिन...
सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part-3)

सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part-2)

आप की राए से क़ुरआन शरीफ की मवाफ़िक़त :- (सेम वैसा ही, उसी तरह, उस जैसा ही) हज़रते उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु की एक बहुत बड़ी फ़ज़ीलत ये है के क़ुरआन शरीफ की आप की राए के मवाफ़िक़ (सेम वैसा ही, उसी तरह, उस जैसा ही) नाज़िल होता था | राए के मवाफ़िक़ नुज़ूले आयात :- हज़रते अली...
सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part-1)

सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उमर फ़ारूक़े आज़म रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part-1)

कमाल व खूबी वाला कौन होता है :- हक़ीक़त में कमाल व खूबी वाला वो शख्स है जो दूसरों को भी कमाल व खूबी वाला बना दे तो हमारे आक़ा व मौला जनाबे अहमदे मुज्तबा मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हक़ीक़त में कमाल व खूबी वाले हैं | जिन्होंने बेशुमार लोगों को कमाल व खूबी वाला...
सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उस्माने गनी रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part – 3)

सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उस्माने गनी रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part – 3)

ग़ैब की खबर देना :- हज़रत अल्लामा ताजुद्दीन सुबकी रहमतुल्लाह अलैह ने अपनी किताब “तबक़ात” में लिखते हैं के एक शख्स ने रास्ते में चलते हुए एक अजनबी औरत को घूर घूर कर गलत निगाहों से देखा | उसके बाद ये शख्स अमीरुल मोमिनीन हज़रते उस्माने गनी रदियल्लाहु अन्हु की...
सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उस्माने गनी रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part – 3)

सहाबिए रसूल हज़रत सय्यदना उस्माने गनी रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी (Part-2)

हज़रते उस्माने गनी रदियल्लाहु अन्हु पर ऐतिराज़ात और उसके जवाबात :- हज़रते उस्मान बिन अब्दुल्लाह बिन मोहिब रदियल्लाहू अन्हु फरमाते है की मिस्र का रहने वाला एक शख्स हज के इरादे से बैतुल्लाह शरीफ आया इस ने एक जगह कुछ लोगों को बैठे हुए देखा तो पूछा की ये कौन लोग है? जवाब...