इफ्तार के वक़्त दुआ क़बूल होती है और दुआ मांगना सुननत है

इफ्तार के वक़्त दुआ क़बूल होती है और दुआ मांगना सुननत है

इफ्तार के वक़्त दुआ क़बूल होती है :- दो फ़रामीने मुस्तफा सलल्लाहो अलैहि वसल्लम बेशक रोज़ादार केलिए इफ्तार के वक़्त एक ऐसी दुआ होती है जो रद्द नहीं की जाती | (इबने मजा)तीन शख्सों की दुआ रद्द नहीं की जाती एक बादशाहे आदिल की और दूसरा रोज़ादार की इफ्तार के वक़्त तीसरे मज़लूम की...
रोज़ादारों की क्या क्या फ़ज़िलतें हैं

रोज़ादारों की क्या क्या फ़ज़िलतें हैं

जन्नती दरवाज़ा रोज़ादार के लिए :- बेशक जन्नत में एक दरवाज़ा है जिसको रय्यान कहा जाता है, इससे क़यामत के दिन रोज़ादार दाखिल होंगें उनके अलावा कोई और दाखिल न होगा | कहा जाएगा रोज़ेदार कहाँ हैं? पस ये लोग खड़े होंगे उनके अलावा कोई और इस दरवाज़े से दाखिल न होगा जब ये दाखिल हो...
फ़ज़ाइले रमजान शरीफ एक बार ज़रूर पढ़ें

फ़ज़ाइले रमजान शरीफ एक बार ज़रूर पढ़ें

प्यारे इस्लामी भाइयों :- खुदाए रहमान अज़्ज़ावजल के करोड़हा करोड़ एहसान के उसने हमें माहे रमजान जैसी अज़ीमुश्शान नेमत से सरफ़राज़ फ़रमाया | माहे रमजान के फैज़ान के क्या कहने इसकी तो हर घड़ी रहमत भरी है रमज़ानुल मुबारक में हर नेकी का सवाब 70 गुनाह या इससे भी ज़्यादा है |...