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नबी ‎सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम से मोहब्बत

हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम की मोहब्बत असल ईमान बल्क़ि ईमान उसी मोहब्बत ही का नाम है जब तक हुज़ूर की मोहब्बत माँ, बाप, औलाद और सारी दुनिया से ज़्यादा न हो आदमी मुसलमान हो ही नहीं सकता की मुहम्मद से वफ़ा तूने तो हम तेरे है ये जहाँ चीज़ क्या है लहो क़लम तेरे हैBy –...

हमारे नबी ‎ﷺ की चंद ख़ुसूसियात

पेशे हक़ मुज़्दा शफ़ाअत का सुनाते जायेंगे आप रोते जायेंगे हमको हंसाते जायेंगे वुसअतें दी हैं खुदा ने दामने मेहबूब को जुर्म खुलते जायेंगे और वो छुपाते जायेंगेBy – Aala Hazrat Imam Ahmed Raza अक़ीदा :- हज़रत मुहम्मद सल्लाल्ल्हु अलैहि वस्सलम के अलावा दुसरे नबियो को किसी...